

कलेक्टर ने नाव से किया दुर्गम इलाकों का निरीक्षण, विकास कार्यों के लिए दिए निर्देश
तुमराबाहरा को “मछुआरा गांव” थीम पर विकसित कर स्थानीय रोजगार सृजन पर जोर
धमतरी। गंगरेल बांध के आसपास स्थित सुदूर एवं कम चर्चित क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कलेक्टर ने नाव के माध्यम से डुबान क्षेत्र एवं दुर्गम ग्रामों का स्थल निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान डुबान क्षेत्र के सटियारा ग्राम पहुंचे, जहां गांधी मंदिर का अवलोकन कर मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन, संपर्क सड़क, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।कहा कि ऐतिहासिक एवं आस्था स्थलों का संरक्षण एवं सुव्यवस्थित विकास स्थानीय पर्यटन को नई पहचान दे सकता है।साथ ही सटियारा ग्राम को पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।इसके पश्चात तुमराबाहरा ग्राम पहुंचे, जो पूर्णतः मछुआरा समुदाय का गांव है।कहा कि इस ग्राम को “मछुआरा गांव” की थीम पर विकसित किया जाए। मछुआरों की पारंपरिक जीवनशैली, उपकरण, नौकायन पद्धति, स्थानीय व्यंजन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण कर इसे एक थीम आधारित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।इससे न केवल स्थानीय संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि स्वरोजगार एवं आयवृद्धि के नए अवसर भी सृजित होंगे।इसके उपरांत राम टेकरी में,उपलब्ध प्राचीन शिलाचित्रों एवं अवशेषों का अवलोकन करते हुए,इसे संरक्षित कर पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के निर्देश दिए।कहा कि ऐसे स्थल धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र में पहुंच मार्ग सुदृढ़ीकरण, पेयजल व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा होम-स्टे की सुविधा विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो तथा स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल सके।


