सुखत की राशि कमिशन से मार्कफेड द्वारा ना काटी जावे– नरेंद्र साहू

धमतरी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिला सहित पूरे प्रदेश में धान की खरीदी संपन्न करा ली गई है।परंतु जिले में सैकड़ो उसना ,अरवा मिलर होने के बावजूद लाखों कुंटल धान समितियां में आज भी उठाव हेतु शेष है।त्रिस्तरीय अनुबंध में समिति से सुखद मान्य नहीं करने का प्रावधान बनाया जाता है।मिलर द्वारा समिति से निर्धारित अवधि में धान का उठाव नहीं करती है तो मार्क फेड पेनाल्टी वसुली कर्ता है। किसानों से वास्तविक में धान खरीदी 17% नमी तक खरीदी किया जाता है ,जो धूप के कारण अंतिम परिवहन तक 12- 13 प्रतिशत तक नमी हो जाता है।मार्कफेड के द्वारा सुखद की राशि समिति के मिलने वाली कमिशन से काट दी जाती है।सुरक्षा बयय भी काट देती है। जिसके कारण समिति को प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिलती और कमीशन नहीं मिलने से सीधा असर कर्मचारियों को वेतन पर पड़ता है।यदि सरकार मानती के धान नहीं सूखता है,तो सुखद की राशि खरीदी के कमीशन से नहीं काटी जानी चाहिए।यदि समय पर परिवहन नहीं किया जाता है तो सबसे ज्यादा सोसाइटियों को हानि उठानी पड़ सकती है।अतःजिला प्रशासन से अभिलंब धान उठाव हेतु निवेदन किया जाता है।

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