

पॉक्सो, साइबर अपराध, बाल विवाह प्रतिषेध एवं कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न संबंधी विधिक प्रावधानों पर विशेषज्ञों द्वारा गहन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान
धमतरी। जिले में मानव तस्करी, अनैतिक व्यापार तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और संवेदनशील पुलिसिंग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आजीविका महाविद्यालय (लाइवलीहुड कॉलेज), में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कहा कि मानव तस्करी एवं महिलाओं/बच्चों के विरुद्ध अपराधों से जुड़े प्रकरणों में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील, उत्तरदायी एवं मानवीय होनी चाहिए।निर्देशित किया कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के साथ सहानुभूतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण व्यवहार कर विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।साइबर माध्यमों से होने वाले अपराधों पर विशेष सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता विकसित की जाए।यह सतत प्रशिक्षण एवं जागरूकता ही कानून-व्यवस्था की आधारशिला है, अतः ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।इस अवसर पर ड्राॅ.कल्पना ध्रुव,मोनिका मरावी (डीएसपी),अजय सिंह (जिला लोक अभियोजन अधिकारी), अनामिका शर्मा (महिला संरक्षण अधिकारी),आनंद पाठक (डीसीपीयू) एवं प्रदीप सिंग (साइबर थाना प्रभारी) द्वारा अपने-अपने विषयों पर महत्वपूर्ण विधिक एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की गई।


