

धमतरी। जिले के वनांचल क्षेत्र में अंतिम छोर बोरई में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों का गुस्सा देखने को मिला है।बोरई-घुटकेल मार्ग में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए युवक बाईक समेत घायल स्थिती में सड़क पर पड़ा हुआ था,जिसके सूचना मिलते ही बोरई पुलिस और ग्रामीणों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचे और युवक को बोरई हॉस्पिटल लेकर पहुंचे,लेकिन वहां आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा ठप मिली,अस्पताल में न डॉक्टर मौजूद था,ना स्टॉफ नर्स और ना ही कोई कर्मचारी, ऐसे में आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार में धरने पर बैठ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया,उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज होता तो घायल की जान बच सकती थी,जिसे ग्रामीणों ने केवल लापरवाही नहीं,बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता करार दिया है,ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है,कई बार ज्ञापन और आंदोलन के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ,उनका कहना है कि जब तक अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती और जवाबदेही तय नहीं की जाती,आंदोलन जारी रहेगा,धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।लोगों ने प्रशासन से मांग की है की भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी ठोस व्यवस्था की जाए।


