PM-AASHA योजना के तहत दलहन–तिलहन उपार्जन एवं भण्डारण की व्यवस्था सुदृढ़

किसानों को अपनी उपज सुरक्षित, पारदर्शी एवं समर्थन मूल्य पर बेचने का सशक्त मंच मिलेगा: कलेक्टर

धमतरी। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष एवं रबी विपणन वर्ष के लिए दलहन एवं तिलहन फसलों के प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) अंतर्गत उपार्जन एवं भण्डारण की विस्तृत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इस क्रम में रायपुर संभाग के तहत धमतरी जिला को PM-AASHA योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों को उपार्जन केन्द्र के रूप में चयनित किया गया है, वहीं भण्डारण के लिए स्टेट वेयरहाउस, धमतरी को अधिसूचित किया गया है।

धमतरी जिले में अधिसूचित उपार्जन केन्द्र
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, संबलपुर
• प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, बोरसी (मगरलोड)
• प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, सलोनी (नगरी)इससे पहले दलहन एवं तिलहन फसलों के प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) अंतर्गत आठ उपार्जन एवं भण्डारण तरसींवा,कुरूद, कातलबोड़, लोहरसी,छाती,रामपुर, मगरलोड और नगरी थे ।
इन केन्द्रों से फसलों का समर्थन मूल्य पर पारदर्शी उपार्जन किया जाएगा।वहीं बस्तर संभाग के सुकमा, छिन्दगढ़ एवं कोन्टा विकासखंडों में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है, जबकि CGSWC मुरतोंडा एवं CGSWC दोरनापाल को भण्डारण केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया गया है।कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि “प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन की यह व्यवस्था किसानों की आय सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है। जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से उपार्जन केन्द्रों तथा WDRA से प्रमाणित भण्डारण केन्द्रों की अधिसूचना से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित, पारदर्शी एवं समर्थन मूल्य पर बेचने का सशक्त मंच मिलेगा।हमारी प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को शासन की योजनाओं का समय पर लाभ मिले। उपार्जन प्रक्रिया को सरल, सुगम और भरोसेमंद बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।साथ ही गुणवत्ता परीक्षण, तौल, भण्डारण एवं भुगतान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक मजबूती बढ़ाएगी, बल्कि जिले में सहकारी ढांचे को और सशक्त करेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *