
धमतरी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधीन संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में आधुनिक कृषि यंत्रों पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण एआईसीआरपी परियोजना के तहत कृषि यंत्र एवं शक्ति अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित किया गया।कार्यक्रम में डॉ. आर.के. नायक ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण किसानों की आय वृद्धि का माध्यम है।वैज्ञानिक पद्धति से कृषि यंत्रों का उपयोग एवं नियमित रखरखाव करने से कार्यक्षमता और आयु में वृद्धि होती है, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होता है।विक्टर ने एआईसीआरपी परियोजना की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि पशुपालन एवं कृषि कार्यों में आधुनिक यंत्रों के उपयोग से श्रम की बचत, समय प्रबंधन एवं कार्य गुणवत्ता में सुधार संभव है।किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन हेतु विश्वविद्यालय से सतत जुड़े रहने का आह्वान किया।महाविद्यालय के अधिष्ठाता नवनीत राणा ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों एवं शासकीय अनुदान योजनाओं का समुचित लाभ लेकर किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकते हैं।ऐसे प्रशिक्षण कृषकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं समयोचित बताया।एवं प्रवीण वर्मा ने कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण कार्यक्रम में छाती एवं उदेन ग्राम के 30 अनुसूचित जाति (SC) कृषकों ने सहभागिता की।इस दौरान किसानों को कृषि यंत्रों के संचालन एवं रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया तथा आवश्यक कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया।


