
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए निर्देश, नरेगा तहत आंगनबाड़ी निर्माण 15 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश
धमतरी। बाल शिक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में जिले की अभिनव पहल अब पूरे प्रदेश के लिए मार्गदर्शक बन गई है।जिले में लागू किए गए “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को अब संपूर्ण छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्देश जारी करते हुए नरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित एवं निर्माणाधीन सभी आंगनबाड़ी भवनों में BaLA कॉन्सेप्ट को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।आंगनबाड़ी भवनों को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि भवन स्वयं बच्चों के लिए शिक्षण-सहायक सामग्री का कार्य करे।BaLA कॉन्सेप्ट के अंतर्गत दीवारों पर वर्णमाला, अंक, आकृतियां, स्थानीय चित्रकथाएं, फर्श पर खेल-आधारित शिक्षण सामग्री,खिड़की-दरवाजों के माध्यम से आकार और माप की समझ जैसे नवाचारी तत्वों को शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा, रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता का विकास होगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी ग्राम पंचायतें स्वीकृत तकनीकी डिज़ाइन एवं निर्धारित वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए जीवंत शिक्षण प्रयोगशाला के रूप में विकसित हुए हैं।बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि, सीखने की गति में सुधार तथा अभिभावकों की संतुष्टि इस पहल की सफलता को दर्शाती है।


