
पोषण, प्रारंभिक शिक्षा एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने दिए निर्देश
धमतरी। जिले की प्रभारी सचिव शम्मी आबिदी ने ग्राम जी-जामगांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचीं और बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं केंद्र के समुचित रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया।तथा बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन, कुपोषित बच्चों की स्थिति तथा पोषण ट्रैकिंग की जानकारी लेते हुए नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से चर्चा कर पोषण स्तर में निरंतर सुधार पर विशेष बल दिया।प्रभारी सचिव बच्चों के बीच फर्श पर बैठकर आत्मीय संवाद करती नजर आईं।कहा कि 5-6 वर्ष आयु के बच्चों को विद्यालय प्रवेश से पूर्व बुनियादी विषयों पर समुचित जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके।कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से शरीर के अंगों, पारिवारिक संबंधों, ऋतु परिवर्तन एवं दैनिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया जाए।साथ ही बच्चों को खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यालय के लिए तैयार किया जाए।प्रभारी सचिव ने ग्राम चर्रा में बाला (Building as Learning Aid) कॉन्सेप्ट पर निर्मित आंगनवाड़ी केंद्र के डिज़ाइन की सराहना करते हुए,ड्राइंग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि इसी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सके।कहा कि आकर्षक एवं शिक्षण-सहायक अधोसंरचना बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


