

धमतरी। जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिले के एएनएम एवं मितानिन प्रशिक्षकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों,प्रारंभिक पहचान, उचित उपचार पद्धतियों एवं दीर्घकालिक प्रबंधन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में बच्चों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें।इस दौरान डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, परामर्श (काउंसलिंग), रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता गतिविधियां, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।इस उन्मुखीकरण कार्यशाला में कुल 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।तथा कार्यक्रम का द्वितीय चरण 6 फ़रवरी को धमतरी में आयोजित किया जाएगा।


