महिला किसान चैती बाई बनीं धान खरीदी व्यवस्था की पहचान

धान खरीदी ने बदली चैती की जिंदगी

धमतरी। ग्राम संबलपुर की महिला किसान चैती बाई के परिवार में धान विक्रय की जिम्मेदारी उनके पति निभाते रहे हैं, किंतु स्वास्थ्य खराब होने के कारण यह दायित्व स्वयं संभाला। यह उनके लिए सिर्फ धान बेचने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की परीक्षा भी थी।पूर्व निर्धारित तिथि पर कटे हुए टोकन के अनुसार वे 57 क्विंटल धान लेकर खरीदी केंद्र पहुँचीं।पहली बार होने के बावजूद चैती के चेहरे पर कोई घबराहट नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और संतोष झलक रहा था। बताया कि धान खरीदी केंद्र की सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था ने पूरे कार्य को सहज और सम्मानजनक बना दिया।जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।धान विक्रय के पश्चात मिलने वाली राशि से वे अपने पति का बेहतर इलाज कराना चाहती हैं।कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए संबल जैसा है। इस निर्णय ने खेती को न केवल लाभकारी बनाया है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान की है।चैती की यह कहानी सिर्फ एक महिला किसान की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह प्रमाण है कि जब शासन की नीतियाँ ईमानदारी, संवेदनशीलता और सशक्त क्रियान्वयन के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो उनका लाभ सीधे अंतिम किसान तक पहुँचता है।उनकी मुस्कान में सरकार की नीतियों की सफलता, व्यवस्था पर भरोसा और किसान वर्ग का बढ़ता आत्मविश्वास साफ झलकता है।

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