
नगरी एरिया कमेटी सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में थी सक्रिय
माओवादी विचारधारा से मोहभंग- शासन की आत्म समर्पण एवं पुनर्वास नीति से हुई प्रभावित, कई नक्सली घटनाओं में थी शामिल
धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस द्वारा किए जा रहे ऑपरेशन, सिविक एक्शन एवं पोस्टर, बैनर एवं पंपलेट के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार और अपील से प्रभावित होकर,भूमिका उर्फ गीता,उम्र 37 वर्ष, निवासी पुसनार,जिला बीजापुर ने पुलिस अधीक्षक तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया।माओवादी संगठन में लंबे समय तक रहने के दौरान दाम्पत्य एवं पारिवारिक जीवन से वंचित रहने, भेदभावपूर्ण व्यवहार तथा संगठन की विचारधारा से निराश और क्षुब्ध होकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया।माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के पश्चात 2010 तक प्लाटून-1 में रही। वर्ष 2010 में उड़ीसा राज्य कमेटी में स्थानांतरित होकर विभिन्न कमेटियों में सक्रिय रहकर 2011 से 2019 तक सीसीएम संग्राम की गार्ड रही।तथा 2019 से 2023 तक सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम तथा सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत रही। वर्तमान में संगठन में सदस्यों की संख्या कम होने के कारण वह नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।भूमिका कई नक्सली घटनाओं में शामिल रही है, जिसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आत्मसमर्पण करने पर शासन की नीति के तहत उसे 50,000/- रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।


