
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
रायपुर। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री कि ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने स्वदेशी अपनाने, तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया।‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।कार्यक्रम में मोदी ने 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया।कहा कि देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया।वहीं मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट कि बात करते हुए एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की।अंत में ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।


