
ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु जागरूकता अभियान
धमतरी। जिला घने वनक्षेत्रों से आच्छादित है, जहाँ भालू, जंगली सुअर, हिरण के साथ-साथ तेंदुए का प्राकृतिक विचरण पाया जाता है। शीत ऋतु के दौरान तेंदुआ प्रायःबाहर निकलकर समीपवर्ती ग्रामों की ओर आ जाता है।विगत वर्षों में नगरी तहसील के वनांचल से ग्रामों में तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी के आधार पर हाई-रिस्क ग्रामों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।वन परिक्षेत्र अधिकारियों, डिप्टी रेंजर्स एवं वनरक्षकों द्वारा जाकर ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। मुनादी के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है।सुरक्षा समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को निरंतर समझाइश दी जा रही है।बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।अभिभावकों से अपील की गई है कि छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें,घरों, गलियों, स्कूल परिसरों एवं आम रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने, टॉर्च/हेडलैम्प/फ्लैशलाइट का उपयोग करने तथा बच्चों को समूह में चलते हुए बातचीत करते रहने या गीत गाने की सलाह दी गई है।वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में विभिन्न वन परिक्षेत्रों में विशेष रात्रि गश्त अभियान संचालित कर संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त कर वाहनों की जांच की गई।इस दौरान किसी भी प्रकार की अवैध कटाई, शिकार या अन्य वन अपराध की पुष्टि नहीं हुई।तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा सहयोग प्रदान करें, ताकि मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को सुरक्षित एवं संतुलित बनाए रखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


