
निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं के संरक्षण और आधुनिक गौधामों की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई।
धमतरी। बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत सार्वा ने कहा कि शासन की गौधाम योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन तैयार किए जाएं।जिससे घुमंतू व बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय व संरक्षण मिले। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित गौठानों के साथ-साथ सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के ऐसे गौठानों का चयन किया जाए, जहां पर्याप्त भूमि, पेयजल, बिजली और हरे चारे की उपलब्धता हो।जिससे असुविधा न हो और पुनर्वास की प्रक्रिया सुचारू रहे।छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष ने योजना के मूल उद्देश्य बताए।और कहा कि निराश्रित और घुमंतू पशुओं को आश्रय देना, गौ-उत्पादों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और समाज में गोसेवा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना योजना की प्राथमिकता हैं।डॉ. मरकाम ने नस्ल सुधार पर जोर दिया,कहा कि उन्नत नस्ल के हिमीकृत लिंग वर्गीकृत वीर्य के उपयोग से दुग्ध उत्पादन बढ़ने की संभावनाएं हैं।


