
धमतरी। ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा ग्राम बानगर में किसानों एवं महिला स्व–सहायता समूह की महिलाओ को व्यवहारिक प्रशिक्षण का आयोजन कर,प्रतिभागियों को लाइट ट्रैप के कार्य सिद्धांत, प्रकाश आकर्षण के आधार पर कीटों की निगरानी (Monitoring) तथा जनसंख्या अनुमान (Population Dynamics) की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कर खेत में लाइट ट्रैप का लाइव प्रदर्शन कर किसानों को कीट पहचान, कीटों के सक्रिय समय की जानकारी, ट्रैप लगाने की उचित ऊँचाई, दूरी एवं स्थान चयन के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया।साथ हीयेलो स्टिकी प्रपंच के महत्व पर ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया।और बताया कि यह तकनीक रस-चूसक कीटों,जैसे वाइटफ्लाई, एफिड एवं थ्रिप्स के प्रभावी प्रबंधन में अत्यंत उपयोगी है। इसके अतिरिक्त किसानों को शाकनाशियों (Herbicides) के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। इस दौरान अनुशंसित मात्रा, उपयुक्त नोज़ल एवं स्प्रेयर का चयन, PPE दस्ताने, मास्क, एप्रन का अनिवार्य उपयोग, हवा की दिशा व गति का ध्यान रखने, स्प्रे का उचित समय (सुबह/शाम), फसल एवं खरपतवार की अवस्था, तथा छिड़काव के बाद उपकरणों की स्वच्छता पर विस्तृत जानकारी दी।


