

कृषि मोबाइल एप्लिकेशनों के उपयोग से फसल प्रबंधन एवं आर्थिक निर्णय लेने में होगी मदद
धमतरी। कुरूद कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र (आईजीकेवी) द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास योजना तहत ग्राम बानगर में किसानों तथा स्थानीय महिला स्व–सहायता समूहों के लिए कृषि मोबाइल एप्लिकेशनों का व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया।बी.एससी. कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्रामीण को आधुनिक डिजिटल कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में यह सराहनीय पहल की।विद्यार्थियों द्वारा तीन प्रमुख मोबाइल एप्लिकेशनों प्लॉटिकस ऐप, कृषि मंडी ऐप और दामिनी ऐप का लाइव प्रदर्शन किया गया।प्लॉटिकस ऐप के माध्यम से फसल रोग–कीट पहचान, पोषक तत्वों की कमी, उपचार एवं प्रबंधन की जानकारी दी गई।कृषि मंडी ऐप के प्रयोग से दैनिक बाजार भाव, नजदीकी मंडियों के मूल्य तुलना और सही विक्रय समय का चयन करने के तरीके बताए गए, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सके।वहीं दामिनी ऐप से आकाशीय बिजली की चेतावनी, सुरक्षा उपाय एवं मौसम जोखिम प्रबंधन की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई।प्रत्येक किसान और महिला समूह सदस्यों के मोबाइल फोन पर ऐप इंस्टॉल कर स्टेप–बाय–स्टेप मार्गदर्शन प्रदान किया गया।साथ ही डिजिटल कृषि के बढ़ते महत्व पर खुलकर चर्चा की गई।यह प्रशिक्षण डॉ. नवनीत राणा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद के मार्गदर्शन में संचालित हुआ।


