
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन सक्रिय
धमतरी। जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अध्यक्ष, सदस्यगण एवं गौधाम संचालन में रुचि रखने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं की उपस्थिति में कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं में बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता जिला स्तरीय समिति सदस्य रंजीत साहू ने की। और कहा कि योजना का उद्देश्य घुमंतू एवं निराश्रित पशुओं को आश्रय प्रदान करना, जन-जन में गौसेवा के प्रति प्रेरणा जगाना तथा गौ- उत्पादों के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।उपसंचालक पशु चिकित्सा ने योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग नियम 2005 के तहत जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधामों की स्थापना की जाएगी,जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। प्रथम चरण में प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास स्थित ग्रामों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू एवं जप्त पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण एवं संवर्धन करना है।टी.आर. वर्मा ने पशुओं की नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान को प्रोत्साहित करने, उन्नत नस्ल के सांडों के उपयोग तथा हरा चारा उत्पादन जैसे पीसे नेपियर, लूसने एवं बरसीम की खेती को बढ़ावा देने की जानकारी दी।


