खाद्य सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक

डिजिटल पारदर्शिता और जनसेवा से सशक्त हुआ खाद्य तंत्र

धमतरी। जिले का खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सतत प्रगति और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।विभाग ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए आमजन को पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डिजिटल पारदर्शिता वर्ष 2000 में जिले में 296 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित थीं, जिसमें ऑफलाइन प्रणाली से राशन वितरण किया जाता था जो पारदर्शिता और समयबद्धता की चुनौतियाँ बनी रहती थींवर्तमान में विभाग द्वारा पूर्णतः ऑनलाइन आधार प्रणाली लागू की जा चुकी है। आज जिले की 484 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को सुगमता, पारदर्शिता और सटीकता के साथ खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है तथा राशनकार्डधारियों को समय पर एवं निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है।यह वृद्धि इस तथ्य को प्रमाणित करती है कि विभाग ने सामाजिक सुरक्षा एवं खाद्य अधिकार को सुदृढ़ करने में प्रभावी भूमिका निभाई है।धान खरीदी के क्षेत्र में विस्तार हुआ है।जो बढ़कर 100 केंद्रों तक पहुँच चुके हैं।केंद्रों के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान विक्रय की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आय में वृद्धि हुई और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई हैकस्टम मिलिंग में भी वृद्धि हुई इससे खरीदे गए धान की समय पर कस्टम मिलिंग तथा चावल की सुनिश्चित आपूर्ति संभव हो पाई है।

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