

महिलाओं को आत्मनिर्भरता और बच्चों को सुरक्षित भविष्य की दिशा दी योजनाओं
धमतरी। राज्य 1 नवम्बर को रजत महोत्सव मना रहा है।पच्चीस वर्षों में प्रदेश ने विकास के विविध आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं ने समाज की जमीनी तस्वीर को बदलने का कार्य किया है।जिले में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।लाखों हितग्राही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होकर सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2005-06 से क्रियान्वित की जा रही है।इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए कन्याओं के विवाह में सहयोग किया है। इसी प्रकार नोनी सुरक्षा जिसने बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए वित्तीय संबल प्रदान किया।बेटियों की बचत और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु सुकन्या समृद्धि योजना (2015) एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। वहीं दिशा दर्शन योजना (2012-13) के माध्यम से हितग्राहियों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों का लाभ मिला है।हाल ही में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने अल्प समय में ही व्यापक प्रभाव छोड़ा है।यह योजना मातृत्व सुरक्षा, पोषण और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल है।महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने हेतु छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना (2003-04) से 1494 महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया गया।बाल कल्याण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना (2009) ने बच्चों को शैक्षिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया है।हाल ही में प्रारंभ हुई पूरक पोषण आहार योजना पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराई है, जिससे कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।इन सभी योजनाओं के माध्यम से जिले में महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण और पोषण सुधार के क्षेत्र में नई दिशा मिली है। राज्य शासन का सतत प्रयास महिलाओं और बच्चों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।


