

पालकों ने कहा हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित
धमतरी।शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण व्यापक और प्रभावशाली प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता बनाने के प्रयास किये जा रहे है।युक्तियुक्तकरण से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इस प्रक्रिया से मगरलोड विकासखंड के ग्राम बोईरगांव में प्रभाव पड़ा है। यहां संचालित माध्यमिक शाला में कुल 40 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, एक ही शिक्षक होने के कारण पढ़ाई के साथ-साथ शाला से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ती थी। इसके कारण अध्यापन कार्य बाधित हो रहा था और बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही थी। शासन की प्रक्रिया लागू किए जाने के बाद विद्यालय में 2 अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की गई है।जिससे शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है।
सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सहगामी गतिविधियों का अवसर मिल रहा है, जिससे शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। बच्चों में सीखने की उत्सुकता बढ़ी है और वे मासिक परीक्षाओं में पहले से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।पालकों और जनप्रतिनिधियों में भी गहरा उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित महसूस हो रहा है।


