सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के लिए डिजिटलीकरण को प्राथमिकता

धमतरी,परिवहन विभाग ने विगत 25 वर्षों की यात्रा में तकनीकी नवाचार, डिजिटलीकरण, नागरिक सेवाओं के विस्तार तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज परिवहन विभाग न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है, बल्कि नागरिकों तक सेवाएँ पहुँचाने में भी देश के अग्रणी विभागों में गिना जा रहा है।

डिजिटलीकरण एवं आईटी नवाचार सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के लिए विभाग ने डिजिटलीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सारथी एवं वाहन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन संबंधी कार्य ऑनलाइन किए जाने लगे। क्यूआर कोड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र जारी होने लगे, जिनका सत्यापन तुरंत संभव है। यही नहीं, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने लाइसेंस हेतु ऑनलाइन फार्म-1ए (मेडिकल सर्टिफिकेट) की सुविधा प्रारंभ की। ई-चालान ऐप और फोटो फिटनेस ऐप ने पारदर्शिता को बढ़ाया और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया।विभाग ने राजस्व वृद्धि में भी उल्लेखनीय प्रगति की। वाहन कर, फिटनेस, परमिट एवं पंजीयन शुल्क से लगातार आय में वृद्धि हुई। वर्तमान में वाहन से जुड़ी 19 तथा लाइसेंस से जुड़ी 15 सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं।नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में कुल 24 परिवहन सुविधा केन्द्र खोले गए हैं

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल की है। राज्य में वर्ष 2022 से लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत जिले मे 73 लाभार्थियों को 17.88 लाख रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। साथ ही जिले में 12 प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ पेट्रोल व डीजल वाहनों का उत्सर्जन परीक्षण कर प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।नागरिकों की सुविधा को और बढ़ाने के लिए परिवहन ऐप उपलब्ध कराया गया है,वहीं, सुदूरवर्ती एवं वनांचल क्षेत्रों में बस सेवाओं की शुरुआत ने ग्रामीणों के आवागमन को सरल बनाया और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति दी।नागरिक सुविधा को केंद्र में रखकर विभाग ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। रजत महोत्सव पर यह गर्व से कहा जा सकता है कि आने वाले समय में जिला परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में पूरे राज्य और देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा।

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