
अपराध स्थल को सुरक्षित रखने की तकनीक पर हुई विस्तृत चर्चा
धमतरी। जिला पुलिस बल के अधिकारियों हेतु विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की शुरुआत माँ सरस्वती के तैलचित्र पर तिलक व दीप प्रज्वलन कर की।कार्यशाला का संचालन राजपत्रित अधिकारियों और वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल द्वारा किया गया।कार्यशाला तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित हुई, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला की प्रमुख बातें अमित कुमार पटेल ने विस्तार से बताया कि -:
● अपराध स्थल को सबसे पहले सुरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
●एफएसएल (Forensic Science Laboratory) जांच में पुलिस का सहयोग अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है।
● यदि किसी कारण वैज्ञानिक अधिकारी तत्काल घटना स्थल पर न पहुंच पाएं तो पुलिस अधिकारियों को साक्ष्यों की सुरक्षा हेतु क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए।
●अपराध स्थल (Crime Scene) का प्रदर्शन करते हुए बताया गया कि किसी भी अपराध स्थल की जाँच के दौरान किन-किन सामग्री एवं उपकरणों की आवश्यकता होती है और किस प्रकार सुरक्षित रखा जाता है।कार्यशाला में अपराध स्थल जांच की तीन अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया
(1) साक्ष्य संग्रह – अपराध की सही तस्वीर सामने लाने हेतु भौतिक साक्ष्य जुटाना।
(2) संदिग्धों की पहचान – संभावित आरोपियों को चिन्हित करने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण व विश्लेषण।
(3) अपराध का कारण और तरीका समझना – घटना कैसे और क्यों हुई, इसका निर्धारण।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस विवेचना को वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित बनाना था,ताकि हर अपराध की सटीक जांच कर
आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।एसपी द्वारा तीनों सत्रों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्राप्त कर पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।


