

धमतरी। गाइडलाइन में बदलाव से जमीन खरीदी-बिक्री में ग्राफ तेजी से गिरा है।पिछले साल की तुलना में इस साल 1834 रजिस्ट्री कम हुई है।वहीं राजस्व के लक्ष्य में भी कमी है।जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद होने वाली रजिस्ट्री से शासन को सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है।राजस्व प्राप्त करने शासन का यह एक बड़ा माध्यम है, लेकिन इस साल सरकारी गाइडलाइन में किए बदलाव का विपरीत असर जमीन की खरीदी-बिक्री पर पड़ा है।जिससे अन्य सालों की तुलना में इस साल शासन को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।पंजीयन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल जमीन खरीदी-बिक्री के बाद अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 में 6008 रजिस्ट्री हुई थी,वहीं मार्च 2025 में 838 रजिस्ट्री हुई थी। इससे शासन को करीब साढ़े 33 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था।तथा इस साल करीब 5012 रजिस्ट्री दर्ज है।जिससे शासन को कुल करीब 27 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में कम है।


