श्रीकृष्ण जन्म एवं वामन अवतार की कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया

कथा के माध्यम से मानव जीवन और प्रकृति के गहरे संबंध को प्रस्तुत किया गया
धमतरी।कथावाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण का जन्म अंधकारमय कारागार में हुआ, किंतु उसी क्षण प्रकृति ने उत्सव मनाय और आकाश में दिव्य प्रकाश फैल गया।यह संकेत है कि जब धरती पर धर्म की स्थापना होती है, तब प्रकृति स्वयं मानव का साथ देती है। श्रीकृष्ण का गोकुल जीवन, गौ-पालन, वन, नदी और पर्वतों से प्रेम हमें प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है।
वहीं वामन अवतार की कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि असीम भोग और अहंकार से प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है।भगवान वामन ने तीन पग में संपूर्ण सृष्टि नापकर यह स्पष्ट किया कि सब ईश्वर की सृष्टि हैं, जिन पर किसी एक का अधिकार नहीं हो सकता। यह कथा आज के समय में प्राकृतिक संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश देती है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, गौ-संरक्षण एवं स्वच्छ पर्यावरण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *