धमतरी। जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ़ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में विकासखंड कुरूद एवं मगरलोड के फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सिविल अस्पताल कुरूद में दो सत्रों में किया गया।कार्यशाला में मितानिन प्रशिक्षक, विकासखंड समन्वयक, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, जिला मितानिन समन्वयक सहित कुल 110 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।दो चरणों में संचालित प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, इसकी आवश्यकता तथा इससे जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी देकर उन्हें समुदाय में बेहतर सेवाएँ प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना था।कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र जीवन का अभिन्न अंग है तथा इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व दिया जाना आवश्यक है।यह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और दोनों की समुचित देखभाल से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।उन्मुखीकरण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य की बुनियादी समझ एवं इसके महत्व,समस्याओं की पहचान के संकेत, मानसिक स्थिति एवं मानसिक रोगों की जानकारी, विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध रेफरल सेवाएँ, टेली-मानस (Tele-MANAS) के प्रति जागरूकता, आत्महत्या रोकथाम में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका तथा किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।


